नैन से नैन अब तो मिलाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैन से नैन अब तो मिलाओ,

कब तलक हम से बचते रहोगे,

हम चुरा लेंगे दिल को तुम्हारे,

कब तलक पीछे हट ते रहो गे,

काले नैनो के जादू से तुम्हने जाने कितनो का सुख चैन लुटा,

आज बारी तुम्हारी है तब तक बंध पलकों को करके रहोगे,

नैन से नैन अब तो मिलाओ ...

इक दफा देखो नैना मिला कर नैनो में रख लेंगे यु छुपा कर,

भक्तो से मिलने के वास्ते भी सांवरे तुम तरस ते रखोगे,

नैन से नैन अब तो मिलाओ

माना लाखो तुम्हारे है आशिक हम सा आशिक न पर देखा होगा,

तुम भी जिद पे तो हम भी है जिद पर,आज बोलो क्या कर के रहोगे,

नैन से नैन अब तो मिलाओ

तेरे मंदिर के अब सामने ही आज शर्मा ने डेरा लगाया,

पट कभी तो खुले गे क्या यु ही श्याम अंदर ही सजते रहो गे,

नैन से नैन अब तो मिलाओ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।