बेटियां ईश्वर का वरदान हैं

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जो कोख में अपनी बेटी को मरवाते

जीते जी तड़पते हैं कभी सुख नहीं पाते

बेटियां ममता की पहचान हैं

बेटियां ईश्वर का वरदान हैं

किस्मत वालों के घर कन्या जनम लेती

बेटी बहन पत्नी कन्या ही माँ बनती

अपने हाथों कन्या जो दान ना कराते

जीते जी तड़पते हैं कभी सुख नहीं पाते

बेटियां ममता की पहचान हैं

बेटियां ईश्वर का वरदान हैं

बेटी अगर ना हो क्या करेगा फिर भाई

रक्षा बंधन के दिन रहे सूनी कलाई

भगवन भी पत्नी बिन सृष्टि ना चलाते

जीते जी तड़पते हैं कभी सुख नहीं पाते

बेटियां ममता की पहचान हैं

बेटियां ईश्वर का वरदान हैं

माँ बाप भगवन हैं बेटी भी है ईश्वर

जो इनको ना माने इंसान नहीं पत्थर

बेटी के कारण ही दो कुल हैं तर जाते

जीते जी तड़पते हैं कभी सुख नहीं पाते

बेटियां ममता की पहचान हैं

बेटियां ईश्वर का वरदान हैं

दुनिया में करम अच्छा बस एक कमा लेना

आशीर्वाद पाओ बेटी को बचा लेना

तप त्याग कीर्ति यश सब इसमें मिल जाते

जीते जी तड़पते हैं कभी सुख नहीं पाते

बेटियां ममता की पहचान हैं

बेटियां ईश्वर का वरदान हैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।