मेरा कोई न सहारा बिन तेरे सिद्ध बालक नाथ जी मेरे

- तिलक राज ठाकुर
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरा कोई न सहारा बिन तेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

पाए आन दुखांने मेनू घेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

जदों मैं इस दुनिया ते आया सारा बचपन खेड़ के लंघाया

रह्या भूल्या शाम सवेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

फिर बचपन लंघ्या जवानी आयी मेरे मन विच सी मनमानी आयी

बाबा किते मै पाप भतेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

जद गयी जवानी बुढ़ापा आया फिर रोगां ने मेनू घेरा पाया

दसां दुख तेनु केड़े केड़े सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

हुन नाथ मेरे ते कर्म करो वांग प्रीत बलिहार दे कष्ट हरो

तेरे नाम दी माला तिलक फेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

मेरा कोई न सहारा बिन तेरे सिद्ध बालकनाथ जी मेरे

गायक :- तिलक राज ठाकुर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।