सुन बजरंगी रे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुन बजरंगी रे

मेला में रे मेला में

मेला में तो पैदल-2 आवा रे डी जे पर धूम मचावा रे,

थारे ढोल नगाड़ा बाजे रे

सुरंगा....

सुन बजरंगी रे

मन्दिर में रे मन्दिर में थारे ढोल नगाड़ा बाजे रे,

थारे नोपत गणा बाजे रे, भक्ता का टोला नाचे रे

सुन बजरंगी रे

आंध्यां ने रे आंध्यां ने

आंध्यां ने तो आंख्या देवे रे

बाँझन ने तो बेटा देवे रे

निर्धन ने तो माया देवे रे

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बाल हनुमान मण्डल

सुधीर पारीक (9785222605)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।