सुख दुःख में आठो आवे है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुख दुःख में आठो आवे है बिगड़ी बात बनावे है,

हारे का साथी खाटू वाला तभी तो कहावे है,

जब जब भीड़ पड़ी भगता पर दौड़ा दौड़ा आवे है,

अटकी नइयाँ श्याम धनि खुद ही पार लगावे है

नीले चढ़ कर आवे है हाथ पकड़ कर उठावे है,

हारे का साथी खाटू वाला तभी तो कहावे है,

कितनो भी मोटो काम हॉवे पल में छोटो कर देवे,

खाली झोली लेके आवे पल में बाबो भर देवे,

अपने गले लगावे है भगता ने लाड लड़ावे है,

हारे का साथी खाटू वाला तभी तो कहावे है,

मोरछड़ी इनके हाथा में देख के संकट भागा है,

मोरछड़ी के आगे भगतो सोइ किस्मत जागे है,

मोरछड़ी लहरावे है सब के काम बनावे है,

हारे का साथी खाटू वाला तभी तो कहावे है,

श्याम दीवाना जब से बाबा थारी शरण में आया है,

जो जो चीज की ईशा होइ बिन मांगे सब पाया है,

दया सुनील गावे है थाने भजन सुनावे है,

हारे का साथी खाटू वाला तभी तो कहावे है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।