मेरे घर की हालत देख श्याम कभी आकर तू बरसातों में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जागु ग्यारस की रातो में,

तेरा जीकर मेरी सब बातो में,

फिर भी वो लकीर नहीं मिट ती,

जो खींच दी तूने हाथो में,

मेरे घर की हालत देख श्याम कभी आकर तू बरसातों में,

हर साल ये विपदा आती है हर बार ये घर डेह जाता है,

तस्वीर तेरी रह जाती है बाकी सब कुछ बह जाता है,

हम तुझे छुपा लेते है श्याम इन टूटे फूटे जाटो में,

मेरे घर की हालत देख श्याम कभी आकर तू बरसातों में,

सिर पर है घटाओ की चादर धरती की सहज बिछाते है,

जय श्री श्याम कह कर अक्सर बचे भूखे सो जाते है,

तेरी ज्योत जगानी ना छोड़ी ऐसे भी हालातो में,

मेरे घर की हालत देख श्याम कभी आकर तू बरसातों में,

कोई और दुआ न मांगी है माँगा है बस प्यार तेरा,

तू मालिक सारी दुनिया का दर दर भटके परिवार तेरा,

हम को तो ताने देते है जग वाले बातो बातो में,

मेरे घर की हालत देख श्याम कभी आकर तू बरसातों में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।