ओं लाल बाग़ के राजा रिधि सिद्धि को ले के आजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

ओं लाल बाग़ के राजा रिधि सिद्धि को ले के आजा,

मोदक का थाल सजाऊ तू आकर भोग लगा जा,

ओं लाल बाग़ के राजा रिधि सिद्धि को ले के आजा

देवो में देव बलकारी है तेरी मुशक की असवारी है,

राजाओ के महाराजा,रिधि सिद्धि को ले के आजा

ओं लाल बाग़ के राजा .....

पितु माँ का आज्ञाकारी है तुम्हे जाने दुनिया सारी है,

दर्शन की प्यास बूजा जा रिधि सिद्धि को ले के आजा

ओं लाल बाग़ के राजा .....

देवो में पहली गिनती है पप्पू शर्मा की विनती है,

मेरी नैया पार लगा जा रिधि सिद्धि को ले के आजा

ओं लाल बाग़ के राजा .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।