साँवरे का साथ

- मोहित गोयल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा तेरा मेरा, रिश्ता पुराना हैं,

नहीं मुझसे रूठना, कह रहा दीवाना हैं,

सांवरे सिर पे रहे तेरा साथ, सांवरे छुटे कभी ना ये साथ.....

किस्मत से जो कोई, कभी हार जाता हैं,

हारे का साथी बन के, मेरा श्याम आता हैं,

हारे को मेरा श्याम, पल-भर में जिताता हैं,

नहीं मुझसे रूठना, कह रहा दीवाना हैं, सांवरे संग.....

खाटू में जो कोई, एक बार जाता हैं,

मेरे सांवरे का वो, गुणगान गाता हैं,

हर ग्यारस को बाबा, खाटू में जाना हैं,

नहीं मुझसे रूठना, कह रहा दीवाना हैं, सांवरे संग....

खाटू की गलियों में, मेरे श्याम रहते हैं,

अरमान सबके ही, पूरे ये करते हैं,

ये रंग रंगीला तो, मेरा श्याम सलौना हैं,

नहीं मुझसे रूठना, कह रहा दीवाना हैं, सांवरे संग...

मेरे श्याम से जो कोई, रिश्ता बनाता हैं,

सबके दुःखों को ही, वो अपना बनाता हैं

मोहित के दुःखों को भी, तुम्हें आज मिटाना हैं,

नहीं मुझसे रूठना, कह रहा दीवाना हैं, सांवरे संग....

तर्ज:- (मुझसे जुदा होकर तुम्हें)

स्वर :- मोहित गोयल

सम्पर्क :- 7015789046

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।