प्यारे राधा वल्ल्भ लाल तिहारी चरनन की बलिहारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्यारे राधा वल्ल्भ लाल तिहारी चरनन की बलिहारी,

तेरा सूंदर रूप सलोना अखियन में जादू टोना,

कई नजर नहीं लग जाए तिहारी चरनन की बलिहारी,

प्यारे राधा वल्ल्भ लाल तिहारी चरनन की बलिहारी,

अधरों पे मुस्कान भरी नैनो में मस्ती छाई,

प्यारे सुंदरता के सागर हो तुम चाँद तेरी परछाई,

तू है खुशियों भरा खजाना ये दिल हो जाए तेरा दीवाना,

तुझे देखे जो इक बार तिहारी चरनन की बलिहारी,

प्यारे राधा वल्ल्भ लाल तिहारी चरनन की बलिहारी,

अध्भुत दीविये शृंगार तेरा नव यौवन श्याम कलेवर,

श्री राधा यु संग नित पधारो मन मंदिर के अंदर,

है ये अभिलाषा मन में वस् जाओ इन नैनं में,

करदो इतना उपकार तिहारी चरनन की बलिहारी,

प्यारे राधा वल्ल्भ लाल तिहारी चरनन की बलिहारी,

तुम संग मेरे नैन लड़े कोई और न मन को भाये,

प्यारे मेरे मन की वीणा प्यारे गीत तेरे ही गाये,

फिर क्यों शरमाउ मैं जग से कहु भुजा उठा के जग से,

तुम सुन लो मेरी पुकार तिहारी चरनन की बलिहारी,

प्यारे राधा वल्ल्भ लाल तिहारी चरनन की बलिहारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।