माये नि मेरा कर दे गिरधर नाल व्याह

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माये नि मेरा कर दे गिरधर नाल व्याह,

पावा तरले मैं तेरे मेरे कर लावा फेरे,

मेरा कर दे पूरा चा,

माये नि मेरा कर दे गिरधर नाल व्याह,

वर लोडा गिरधर वर लोडा होर किते न नाता जोड़ा,

मेरा मोहन जानी मैं है मोहन दी रानी मैनु होर दे लड़ न ला,

माये नि मेरा कर दे गिरधर नाल व्याह,

मैं गिरधर दी गिरधर मेरा,

ना कर माये झगड़ा चेह्डा,

कई जन्मा दे साथी मेरा पति अविनाशी एह ता डाडा बेपरवाह,

माये नि मेरा कर दे गिरधर नाल व्याह,

ला मेहँदी दुल्हन बन जावा जय माला गिरधर गल पावा,

मोर मुकत सजाया मैनु लें है आया ब्रिज वासी सांवरियां,

माये नि मेरा कर दे गिरधर नाल व्याह,

मैं गिरधर बिन रह नहीं सकती दर्द बिछोड़ा सेह नहीं सकदी,

नन्द राये दा दुलारा मैनु लें है आया मन मोह लिया मधुप मेरा,

माये नि मेरा कर दे गिरधर नाल व्याह,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।