दिल में बसा हुआ है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी सूरत को जब से देखा, बेहोश हुए मदहोश हुए,

अब प्रीत की रीत निभा ले जरा,चरणों में झुका कर सर बैठे,

पलकों में छुपा लूं श्याम तुम्हें, यह तन मन तुझ पर वार दिया,

जब से पकड़ा तेरे दामन को, दुनिया से किनारा कर बैठे,

दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,

होता है रोज ख्वाब में, दीदार आपका,

दिल में बसा हुआ है

ओ कान्हा बंसी वाले, हकीकत यह बात है,

यह जाँ भी आपकी है, संसार आपका,

दिल में बसा हुआ है,

उठती है जब भी दिल में, दीदार की तमन्ना,

मन में बना है मंदिर, दरबार आपका,

दिल में बसा हुआ है

जानू ना पूजा वंदन, कैसे करूं तुम्हारा,

किस विधि करूं तुम्हारा, सत्कार आपका,

दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,

होता है रोज ख्वाब में, दीदार आपका,

दिल में बसा हुआ है मेरे प्यार आपका

सिंगर भरत कुमार दबथरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।