बात देख रहा तेरी सँवारे भकत तेरा हरयाणे का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैंने इतना बता दे श्री श्याम जी के लोगे तुम आने का,

बात देख रहा तेरी सँवारे भकत तेरा हरयाणे का,

तेरी खातिर श्याम धनि सिरसाम का साग बना रखाया,

बाजरे की रोटी ऊपर मने माखन खूब लगा राखेया,

दूध दही के भरे कटोरे के लोगे तुम खाने का,

बात देख रहा तेरी सँवारे भकत तेरा हरयाणे का,

जब खाना खालो श्याम धनि मैं थारे पैर दबाउगा,

कुछ तू अपनी कहिये कुछ अपनी तने सुनाऊंगा,

देदे मौका अपनी सेवा में मने भी टाइम बिताने का,

बात देख रहा तेरी सँवारे भकत तेरा हरयाणे का,

जब टाइम हॉवे गा छोटा गांव में तने घुमाऊंगा,

मेरे गांव की गली खेत मेरे श्याम जी तने दिखाऊगा,

हरयाणे के जैसा मजा और किते न आने का,

बात देख रहा तेरी सँवारे भकत तेरा हरयाणे का,

मने लिखदी अर्जी श्याम धनि ईब आना पड़ा जरुरी रे,

विक्की के मन की चाहि तू करदे संवारा पूरी रे,

संदीप के जैसा भगत सँवारे और किते न पाने का,

बात देख रहा तेरी सँवारे भकत तेरा हरयाणे का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।