नजर से नजर यु न श्याम चुराओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नजर से नजर यु न श्याम चुराओ,

नजर से नजर को जरा तुम मिलाओ,

नजर से नजर यु न श्याम चुराओ,

निगाहो से अश्को का बादल बरसता,

मगर मीन सा मन फिर भी तरस ता,

है प्यासा ये मन प्यास इसकी भुजाओ,

नजर से नजर यु न श्याम चुराओ,

जुदाई में इतना तेरी जल चुकी हु,

मैं दिखती हु केवल मगर मिट चुकी हु,

जो पहले मिटा हो उसे न मिटाओ,

नजर से नजर यु न श्याम चुराओ,

दिखाऊ तो किस को जखम मैं दिखाऊ,

बताऊ तो किसको मैं दर्द बताऊ,

नहीं कोई मेरा तू ही श्याम आउ,

नजर से नजर यु न श्याम चुराओ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।