आओ पधारो गौरा के लाला

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज :- कहता है जोकर)

आओ पधारो, गौरा के लाला,

आके सभा में कर दो उजाला,

आओ चतुर्भुज, आओ गजानन,

तेरे आने से, पावन हो आंगन,

दुविधा मिटा दो, आकर हमारी,

खोलो हमारे, हृदय का ताला,

आओ...

सर्व प्रथम तेरी, पुजा बताई,

लेकर के नाम तेरा, जोत जगाई,

मैं हूँ अज्ञानी, कुछ भी ना जानू,

जपता हुँ बस तेरे, नाम की माला,

आओ...

रिद्धी-सिद्धी के स्वामी बुद्धि के दाता,

आओ शुभ-लाभ के संग,तुमको बुलाता,

जब-जब भी कोई, संकट है आया,

ऐसी घड़ी में, तुमने संभाला,

मेरा अनुरोध तुमको, आना पड़ेगा,

मान हमारा दाता बढ़ाना पड़ेगा,

'श्याम सुन्दर को. तेरा भरोसा,

दर पे जो आया. उसको ना टाला

आओ....

सौरभ सोनी

सरिया, गिरिडीह

झारखण्ड, ८२५३२०

संपर्क - 8210062078

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।