बता मुझे ओ जहाँ के मालिक

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बता मुझे ओ जहाँ के मालिक,

ये क्या नजारे दिखा रहा है,

तेरे समंदर में क्या कमी थी,

की आदमी को रुला रहा है,

कभी हसाए कभी रुला दे ये खेल कैसा है तू बता दे,

जिसे बनाया था अपने हाथो उसी को अब क्यों मिटा रह है,

बता मुझे ओ जहाँ के मालिक

वो खुद ही गम से भुजा भुजा है तेरा फिर इस में कमाल क्या है,

तेरे इक दीपक की राह में हजारो तू तूफ़ान उठा रहा है ,

तेरे समंदर में क्या कमी थी,

की आदमी को रुला रहा है,

किसी को रोटी न इक वक़्त की किसी को दी दोलते चमक की,

कोई बनाया महलो का राजा कोई हाथो से सिर छुपा रहा है,

बता मुझे जहां के मालिक ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।