किशोरी मेरी तीन लोकन ते न्यारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

किशोरी मेरी तीन लोकन ते न्यारी,

श्री श्यामा मेरी तीन लोकन ते न्यारी,

लेलो चरण शरण में सहारा बिगड़ी बनेगी तुम्हारी,

किशोरी मेरी तीन लोकन ते न्यारी

सारे जग के मालिक है ये,

कुल श्रृष्टि की पालक है ये,

ये भव से पार लगाने वाली,

किशोरी मेरी तीन लोकन ते न्यारी

देवी देव आके भरे हाजरी,

रिधि सीधी आके करे चाकरी,

याह के चरण पखारे गिरधारी,

किशोरी मेरी तीन लोकन ते न्यारी

प्रीत करे जो श्री चरणों की,

हर ती पीड़ा जन्म जन्म की ,

लाडली भक्तन की हित कारी,

किशोरी मेरी तीन लोकन ते न्यारी

छोड़ जगत के झूठे नाते,

श्यामा यु को ध्यान लगाते,

झोली पल में भरेगी तुम्हारी,

किशोरी मेरी तीन लोकन ते न्यारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।