चन्द पलना झूले गणेशा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

अरे चन्द पलना झूले गणेशा,

रेशम चुनरी गोते गणेशा,

बड़ा सलोना तुमरो ललना गोरा मैया री,

ना लागे नजरियां मियां री इसे मैया री,

शंकर सूत गोरी नंदन तेरे आने से जग है पावन,

तुम्हे मंगल शुभ दाता रिद्धि सीधी के तन मन,

माथे मुकट तुम्हारे गणेशा सिंधुर टीका सोहे गणेशा,

बड़ा सलोना तुम्हरो ललना गोरा मैया री,

ना लागे नजरियां मियां री इसे मैया री,

कजरे का लागे टीका रोली कुम कुम लागे नि का,

घर घर हो थारी पूजा कोई और न तुमसे दूजा,

विधन हरियाँ काटो कलेशा अध्भुत रूप अनुपम हमेशा,

बड़ा सलोना तुम्हरा ललना गोरा मैया री,

ना लागे नजरियां मियां री इसे मैया री,

द्वारे द्वारे मचा रे हला गोरा युग युग जियो तेरा लला,

रे खूब सजा है मोहला दर भा गया है काल छुपाला,

सीधी विनायक गोरी गणेशा शुभ फल दायक पुत्र महेशा,

बड़ा सलोना तुम्हरा लला गोरा मैया री,

ना लागे नजरियां मियां री इसे मैया री,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।