इस जीवन को तुमने संवारा

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

इस जीवन को तुमने संवारा

एहसान मुझपे तेरा है

मेरा साया बनकर मेरे साथ हमेशा चलता है

तेरी किरपा से बाबा परिवार मेरा ये पलता है

तेरा मेरा रिश्ता देखो लगता ये काफी गहरा है

वो दिन कैसे भूलों सब मेरी हंसी उड़ाया करते थे

ताना दे देकर सांवरिया मुझे रुलाया करते थे

पर जबसे तू मुझको मिला है

खुशियों का घर में पहरा है

तेरे एहसानो को बाबा भूल कभी ना पाउँगा

शिवम् इतने क़र्ज़ हैं तेरे कैसे बोल चुकाऊंगा

गर्व से कहता हूँ दुनिया को

शीश के दानी तू मेरा है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।