अरे भज ले रे मिल जायेगे नारायण

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय हो गजानन जय हो गजानन तू भी सुमिर ले नाम रे,

अरे भज ले रे मिल जायेगे नारायण,

बाल गणेश रूप धार विष्णु गोरा के घर आये,

ममता पार्वती मैया से भोला से प्रेम है पाए,

तू गणेशा नाम सुमिर ले पूरन हो हर काम रे,

अरे भज ले रे मिल जायेगे नारायण,

जिनकी पूजा बिन ना हॉवे कोई भी शुभ काम,

मंगल दाता पालन करता बाल गणेश है नाम,

भक्ति में खो जा तू भी उनकी मिलेंगे आठो याम रे,

अरे भज ले रे मिल जायेगे नारायण,

माथे कुम कुम रोली टीका मोदक भोग लगा ले,

द्वारे उनके शीश निभा के जीवन धन्य बना ले,

मुँह माँगा वरदान वो देंगे देवा है किरपा निधान रे,

अरे भज ले रे मिल जायेगे नारायण,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।