मैं भूखा हु भाव का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं भूखा हु भाव का मांगू छप्पन भोग नहीं,

जिनके मन में भाव नहीं वो मेरे लायक लोग नहीं,

लेकर झंडा पैदल चल कर आते खाटू धाम रे,

रहे जिगर में दवेश भावना मुख पर जय श्री राम रे,

दिल में सच्चा भाव भरे बिन दर्शन का सहजोग नहीं,

जिनके मन में भाव नहीं वो मेरे लायक लोग नहीं,

सारा खेल भाव का भाव बिना न भगये बनता रे,

खरे भाव के कारण मिटी सुदामा की निर्धनता रे,

ढोंग कपट आडम्बर जैसा असल वयंकर रोग नहीं,

जिनके मन में भाव नहीं वो मेरे लायक लोग नहीं,

कहे ॐ गुरु जब तक न होगी भरी भावना,

भाव से रह जाओगे वंचित मेरी करुणा रुपी छाव से.

तेरी कलम का भाव बिना रम दन सच्चा उपयोग नहीं,

जिनके मन में भाव नहीं वो मेरे लायक लोग नहीं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।