मैया पंच रंग सात रंग नौ रंग चोलिया वालीए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया पंच रंग सात रंग नौ रंग चोलिया वालीए राज माँ

तेरे गल फुल्ला वाले हार तेरिया ज्योता तो वारे वारे जावा

तेरिया लाडा तो वारे वारे जावा

तेरे भगत मुरादा पावँदे राज माँ

देवो देवो आद कवार तेरिया ज्योता तो वारे वारे जावा

तेरिया लाडा तो वारे वारे जावा

मैया.......

तेरेया भगता चड़ाईया कितिया राज माँ

देवो देवो दर्शन आद कवार तेरिया ज्योता तो वारे वारे जावा

तेरिया लाडा तो वारे वारे जावा

मैया........

तेरा गुंद लेआई मालन सेज है राज माँ

पहनो पहनो आद कवार तेरिया ज्योता तो वारे वारे जावा

तेरिया लाडा तो वारे वारे जावा

मैया.........

तेरिया सखिया ने पिन्गा पा लईया राज माँ

झुलो झुलो आद कवार तेरिया ज्योता तो वारे वारे जावा

तेरिया लाडा तो वारे वारे जावा

मैया..........

तेरा गरिया छ्वारे मेवा भोग है राज माँ

खावो खावो आद कवार तेरिया ज्योता तो वारे वारे जावा

तेरिया लाडा तो वारे वारे जावा

मैया........

तेरा पान सुपारी नारियल भेंट है राज माँ

भेंटा ले लो आद कवार तेरिया ज्योता तो वारे वारे जावा

तेरिया लाडा तो वारे वारे जावा

मैया........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।