सुनता है तू सबकी क्यों अब तू विचारे है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनता है तू सबकी क्यों अब तू विचारे है,

मेरी भी सुनेगा तू ये कहते सारे है,

सुनता है तू सबकी क्यों अब तू विचारे है,

मुदत से जीवन में छाया क्यों अँधेरा है,

मुझको तो लगता है जीवन का फेरा है,

ना दर के सिवा तेरे कही हाथ पसारे है,

सुनता है तू सबकी क्यों अब तू विचारे है,

माना की हाथो में किस्मत की नहीं रेखा,

जो बीत रही मुझपे क्या तूने नहीं देखा,

हर बिगड़ी किस्मत को तू ही तो सवारे है,

सुनता है तू सबकी क्यों अब तू विचारे है,

पापी भी कपटी भी यह मौजा में रहते है ,

तेरे भक्त कई बाबा गम पल पल सहते है,

ना समज सके जालं जो खेल तुम्हारे है,

सुनता है तू सबकी क्यों अब तू विचारे है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।