जे मैं भी राधा नाम वाली थोड़ी पी लई एह ते की होया

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जे मैं भी राधा नाम वाली थोड़ी पी लई एह ते की होया,

प्याली अमृत रस पान वाली थोड़ी पी लाई एह ते की होया,

जे मैं भी राधा नाम वाली थोड़ी पी लई एह ते की होया,

लोकि रोज मखाने जांदे ने साकी दे तरल पाउंदे ने,

जे मैं बरसाने धाम वाली थोड़ी पे लई ए ते की होया,

मैनु दुनिया दी परवाह नहीं किसी चीज दी कोई चाह नहीं

उस हरी दा मिलन करान वाली थोड़ी पे लई ए ते की होया,

इस नाम च बड़ी खुमारी है छूट जांदी दुनिया दारी है,

जे मैं भी मस्ती दे जाम वाली थोड़ी पे लई ए ते की होया,

जह्नु चस्का नाम दा लग जंदा उहनूं जग विच कुझ भी नहीं पाउँदा,

कहे मधुप परम कल्याण वाली थोड़ी पे लई ए ते की होया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।