मैं ते हो गया जोगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं ते हो गया जोगी,

दुनिया तो बेगाना होया,

मैं हु तेरा योगी,

मैं ते हो गया जोगी,

जोगी बन जावा तेरा जोगी बन जावा तेरा जोगी,

किस्मत वाला मैं हां दाती तेरा दर मेनू मिलिया है,

दुनिया तो की लेना दाती तेथो सब कुछ मिलिया है,

ओहनू खुशियाँ दिनी तू जो आया दर ते रोगी,

मैं ते हो गया जोगी,

तेरे नाम दी पीती जब मैं क्यों जावा मैखाना विच,

दिल दियां गल्ला तेनु सुनावा तू है मेरी साहा विच,

मेरी रगों में तू है दाती मेरे दिल विच तू बस होगी,

मैं ते हो गया जोगी,

नही जाना मैं होर किसे दर तेनु अपना मनया है,

तेरा जोगी बन के दाती तेथो सब कुछ लेना है,

वैभव नु दुनिया पहचाने तेरे नाम दा जोगी,

मैं ते हो गया जोगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।