सिया राम की नजरियाँ फुलवरियां में पड़ी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

समय की सुई रह गई इक पल खड़ी की खड़ी,

सिया राम की नजरियाँ फुलवरियां में पड़ी

सूरत मूरत लागे एहरी नैनं,

इसी लगी आँखों को अन्ख्याँ से लगन,

छु गई जैसे दोनों को जादू की छड़ी,

सिया राम की नजरियाँ फुलवरियां में पड़ी

निर्मल मन चन्दन जैसे घमकत,

चाँद चकोरी इक दूजे को निरखत,

मन मनोरथ स्नेही सुन्गली नशे की झड़ी,

सिया राम की नजरियाँ फुलवरियां में पड़ी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।