चिट्ठी आती है ना तार आता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चिट्ठी आती है ना तार आता है

फिर खाटू दर्शन को संसार जाता है

वो खाटू में बैठा बैठा कैसा जादू चलाता है

हमें हर ग्यारस की ग्यारस वो खाटू खींच लाता है

ईमेल आता है ना कॉल आता है

फिर खाटू दर्शन को संसार जाता है

वो जो भी खाटू में जाकर एक निशान चढ़ाते हैं

वो मेरी श्याम की कृपा से हर पल मौज उड़ाते है

फेसबुक में है ना व्हाट्सप्प में खाता है

फिर खाटू दर्शन को संसार जाता है

कहे संजय बुलाये बिन तेरे हम खाटू जाते हैं

ज़रा सोचो तेरे प्रेमी तुझे कितना बुलाते हैं

तुझे बुलाने प्रेमी तेरे दर पर जाता है

फिर भी भक्तों की कुटिया में क्यों नहीं आता है

चिट्ठी आती है ना तार आता है

फिर खाटू दर्शन को संसार जाता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।