रूप कई नाम है हजारो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रूप कई नाम है हजारो कौन सा पुकारे बता दे मेरी माँ,

एक रूप तेरा वैष्णो रानी बेठी कटरा में भाग बनाये ,

दर्श को तेरे आये सवाली भगतो के माँ दुखड़े मिटाये ,

द्वार तेरे माँ जो भी आये उसके भाग तो जगा दो मेरी माँ,

रूप कई नाम है हजारो...

नैना देवी राह दिखाए चिन्तपुरनी माँ चिंता मिटाये,

जवाला देवी हर इक मन में भगती की माँ ज्योत जलाये,

मैया जी काली बन के भक्तो के संकट मिटा दे मेरी माँ,

रूप कई नाम है हजारो .....

करनि देवी कर्म करो माँ शारदा मीठी कर दो वाणी,

माँ संतोषी मात भवानी दे संतोष हर इक प्राणी,

जीवन सफल बना दो तेरी ही महिमा गाये मेरी माँ,

रूप कई नाम है हजारो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।