नवराते नौ दिन के आये है माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नवराते नौ दिन के आये है माँ,

आये नवराते देवी माँ तै भी आजा मेरे अंगना में,

दुर्गा माँ काली चंडी बन के आ,

के माँ संतोषी बन के देवी माँ आजा आजा मेरे अंगना में

आये नवराते देवी माँ तै भी आजा मेरे अंगना में,

ओह्ड के चुनरी ललिश रंग के आ,

ललिश चूड़ियाँ डाल डाल आजा आजा मेरे अंगना में

आये नवराते देवी माँ तै भी आजा मेरे अंगना में,

तू न भवानी संतोषी माँ आ,

तोरी पहियाँ पखारू माँ आजा आजा मेरे अंगना में

आये नवराते देवी माँ तै भी आजा मेरे अंगना में,

अखियाँ निहारे तोरी राहे आज,

सुन के शंकर भजनियाँ माँ आजा आजा मेरे अंगना में

आये नवराते देवी माँ तै भी आजा मेरे अंगना में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।