मेरा भोला सच्चा लागे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जग झूठा झूठा लागे रे,

मेरा भोला सच्चा लागे

सत्ये धर्म पर चले वाले दर दर ठोकर खाये,

चोर लफंगे मजा करेंगे झूठा मौज उड़ाए,

जग झूठा झूठा लागे रे.....

जवान बेटा घर में बैठे बुढो से काम कराये,

सास नींदे काम करे इन बहुए के मन भाये,

जग झूठा झूठा लागे रे.....

शर्म लगे मंदिर जाने में रोज सिनेमा जाए,

नाचे अंग और खेल तमाशा सब के मन को भाये,

जग झूठा झूठा लागे रे...

तू छोड़ न बंधन तोड़ न बंधन,

तू ही तू मेरा मेरा भोला तू मेरा शम्भू तू शिव शंकर तू मेरा,

जग झूठा झूठा लागे रे.......

तू घट घट वासी शिव कैलाशी हे वनवासी रे,

तू कष्ट हरे विषपान करे तू गंगाधारी रे,

जग झूठा झूठा लागे रे

तूने जग की विपता तारी रे तेरी किरपा सब से भार,

तेरे जैसा कोई दूजा न रे संवीन जो करे तेरी पूजा ,

जग झूठा झूठा लागे रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।