श्याम प्यारे मेरे घर आजाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक सुन्दर ख्याल कान्हा

मन में आया है मेरे

अपने दिल के आँगन में

एक भवन बनाया मैंने

श्याम प्यारे मेरे घर आजाना

मेरे मन की बगिया महकना

रोज़ सबेरे उठके मैं तुझको स्नान कराऊँ

केशर तिलक लगाके फूलों से तुझे सजाऊँ

फिर पहन केसरिया बागा तुम मुरली मधुर बजना

अपने मुरली की धुन से मेरा मन मंदिर महकाना

श्याम प्यारे मेरे घर आजाना

मेरे मन की बगिया महकना

मन मंदिर के आगे एक सुन्दर बाग़ लगाऊं

झूला एक चन्दन का उस बाग़ में श्याम लगाऊं

झूलो राधे रानी संग करो मन में प्रभु बसेरा

बस इतनी किरपा करदो प्रभु साथ छूटे न तेरा

श्याम प्यारे मेरे घर आजाना

मेरे मन की बगिया महकना

रचना एवं गायक : चंद्रकांत तिवारी - ९३२५०१५३३५

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।