गणपति तेरे चरणो की

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति तेरे चरणो की भप्पा तेरे चरणों की पग धूल जो मिल जाए,

सच कहता हु गणपति तकदीर समबल जाए,

सुनते हैं तेरे रहमत दिन रात बरसती हैं,

एक बूँद जो मिल जाए, मन की कलि खिल जाए,

गणपति तेरे चरणो की......

यह मन बड़ा चंचल है, कैसे तेरा भजन करूँ,

जितना इसे समझाऊं, उतना ही मचल जाए,

गणपति तेरे चरणो की......

नजरो से गिराना ना, चाहे जो भी सजा देना,

नजरो से जो घिर जाए, मुश्किल ही संभल पाए,

गणपति तेरे चरणो की......

भप्पा इस जीवन की बस एक तम्मना है,

तुम सामने हो मेरे, मेरा दम ही निकल जाए,

गणपति तेरे चरणो की......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।