जिस वक़्त मेरे दिल को दुनिया ने तोडा था

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिस वक़्त मेरे दिल को दुनिया ने तोडा था

उस वक़्त श्याम नाता तुमने मुझसे जोड़ा था

सारे जहाँ में मेरा ना कोई सहारा था

ऐसे में मैंने सांवरे तुमको पुकारा था

दुनिया के रंजो ग़म से मैं तो गया था हार

एहसान तेरा सांवरे सुन ली मेरी पुकार

इस तरह तुमने मेरा साथ श्याम निभाया

दुःख का को लम्हा मुझे कभी याद ना आया

सुनले तू सुनले मेरे दिल की बात श्याम

ये ज़िन्दगी मेरी तुम्हारा ही तो है वरदान

तुमसे बिछड़ के सांवरे मैं रह ना पाउँगा

अब तुझको छोड़ के कभी भी मैं ना जाऊंगा

सारे जहाँ में कोई भी जब ना था सहारा

ऐसे में तुमने मेरे श्याम मुझको संवारा

अपनों के भरोसे ने इतना तोड़ दिया था

मैंने खुद पे भरोसा ही करना छोड़ दिया था

मुझसे मेरी तमाम खुशिया रूठ गयी थी

उम्मीद की साड़ी ही डोर टूट गयी थी

ये ज़िन्दगी हाथों से मेरे छूट गई थी

जीवन की कश्ती मेरी श्याम डूब गयी थी

सुनले तू सुनले मेरे दिल की बात श्याम

ये ज़िन्दगी मेरी तुम्हारा ही तो है वरदान

एक तू ही तो है जिसने मेरा साथ निभाया

जीवन की कश्ती को मेरी साहिल से मिलाया

तेरा करम है सांवरे यह तेरा एहसान

होंठो पर मेरे तेरी वजह से है मुस्कान

तू होता नहीं साथ तो मैं होता नहीं श्याम

तेरी दया से ही तो मेरी ये बची है जान

एहसान तेरा श्याम भुला मैं नहीं सकता

ये क़र्ज़ तेरा मैं उतार तो नहीं सकता

बस इतना श्याम शर्मा ने ये सोच लिया है

जीवन तमाम तेरे नाम कर ये दिया है

सुनले तू सुनले मेरे दिल की बात श्याम

ये ज़िन्दगी मेरी तुम्हारा ही तो है वरदान

जब तक जियूँगा खाटू की धरती पे रहूँगा

चरणों में जियूँगा तेरे चरणों में मरूंगा

सुनले तू सुनले मेरे दिल की बात श्याम

ये ज़िन्दगी मेरी तुम्हारा ही तो है वरदान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
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नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।