लाली लाली चुनरी तेरे नाम कि लाए दरबार में

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

लाली लाली चुनरी तेरे नाम कि लाए दरबार में,

तुझको चुनरियाँ उडाये गे माँ आके दरबार में,

चाँद तारो वाली रेशम के धागों वाली लाल रंग माँ की चुनरी,

इस में झड़े है लाख सितारे देखन में हमे लगते प्यारे,

ब्रह्मा ने बनाया विष्णु ने श्री,शिव सहित प्यार से,

लाली लाली चुनरी तेरे नाम कि लाए दरबार में,

नो दिन आये ख़ुशी के दिन आये लाल तेरे जो मैं गाये,

लाल लंगुरावा नाचे गाये लाल तुम्हारे तुझको मनाये,

सझ गई गलियां छाये चांदनी माँ तेरे प्यार में,

लाली लाली चुनरी तेरे नाम कि लाए दरबार में,

ज्योत है जगी चोंकी तेरी सजी चोंकी पे ज्योत जागे,

नवराते के दिन है सुहाने हम आये है तेरी ममता पाने,

मामता लुटादे ओ महरानी आके दरबार में,

लाली लाली चुनरी तेरे नाम कि लाए दरबार में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।