ये मत कहो खुदा से मेरी मुश्किलें बड़ी हैं

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॥ पावन पाठ ॥

ये मत कहो खुदा से मेरी मुश्किलें बड़ी हैं

इन मुश्किलों से कह दो मेरा खुदा बड़ा है

आती हैं आंधियां तो कर उनका खैर मकदम

तूफां से ही तो लड़ने खुदा ने तुझे गढ़ा है

ये मत कहो खुदा से मेरी मुश्किलें बड़ी हैं

इन मुश्किलों से कह दो मेरा खुदा बड़ा है

अग्नि में तप के सोना है और भी निखरता

दुर्गम को पार कर के हिमालय कोई चढ़ाए

लाएगी रंग मेहनत आखिर तुम्हारी इकदिन

होगा विशाल तरुवर,वो बीज जो पड़ा है

ये मत कहो खुदा से मेरी मुश्किलें बड़ी हैं

इन मुश्किलों से कह दो मेरा खुदा बड़ा है

वो सर्व शक्तियों से जब साथ है हमारे

हर काम उसके रहते हरदम हुआ पड़ा है

कभी हारना ना,हिम्मत के कदम बढ़ाओ

हज़ारों कदम बढ़ाने वो सामने खड़ा है

ये मत कहो खुदा से मेरी मुश्किलें बड़ी हैं

इन मुश्किलों से कह दो मेरा खुदा बड़ा है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।