भप्पा अपना हाथ रखदे सिर पे मेरे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तू ही तो दानी है तू ही तो अन्तर्यामी है,

अब मैं हु सहारे तेरे,

दुखो को पहाड़ो को चीर कर अब आया हु मैं तेरे द्वारे

होके मायूस आया दर पे तेरे,

भप्पा अपना हाथ रखदे सिर पे मेरे,

मेरे विघन हरता दया तो करो,

मेरी मुश्किलों को यु दूर करो,

हम पे जरा सा तो ध्यान धरो,

शिव शंकर के दुलारे लगते हो प्यारे तुझे दुनिया ये सारी सब आरती उतारे,

भप्पा अपना हाथ रखदे सिर पे मेरे,

मेरी आँखों में वसे तेरे ही रूप सजे,

कितना वेचैन हु तेरे दर्शन के लिए,

तेरी किरपा जिसपे देवा इक बार मिले,

उस के मन्नत पुरे सुखी परिवार रहे,

कब से खड़ा हु मैं द्वारे तेरे देवा तू हम पे नजर फेर दे मुरादों को मेरी पूरी कर दे,

मेरी झोली को देवा तू भर दे,

तू चार भुजा धारी भक्त हिट कारी सब काज बना दे मेरे दुखड़े मिटा दे,

भप्पा अपना हाथ रखदे सिर पे मेरे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।