दुःख भंजन तेरा नाम जी

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दुःख भंजन तेरा नाम जी दुःख भंजन तेरा नाम जी

आठ पहर अराधिये पूरण सतिगुरु ग्यानु,

दुःख भंजन तेरा नाम जी दुःख भंजन तेरा नाम जी

जितु घटी वसे पारभ्रम सोई सुहावा थाऊ,

जम कंकरु नेड़े न आवे रसना हरी गुण गाऊ,

दुःख भंजन तेरा नाम जी दुःख भंजन तेरा नाम जी

सेवा सुरती न जानियाँ न जापे आराधि,

ओत तेरी जगजीवना मेरे ठाकुर अगम अगाधि,

दुःख भंजन तेरा नाम जी दुःख भंजन तेरा नाम जी

भए किरपाल गुसाइयां तठे सोग संताप,

तत्ती वाऊ न लगाई सतिगुरु रखे आपी

दुःख भंजन तेरा नाम जी दुःख भंजन तेरा नाम जी

गुरु नारायाण द्जू गुरु गुरु सचा सिरजन हारू,

गुरु तुठे सब कुछ पाया जन नानक जद बलिहार,

दुःख भंजन तेरा नाम जी दुःख भंजन तेरा नाम जी

ਦੁਖ ਭੰਜਨੁ ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ਜੀ, ਦੁਖ ਭੰਜਨੁ ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ॥

ਆਠ ਪਹਰ, ਆਰਾਧੀਐ, ਪੂਰਨ ਸਤਿਗੁਰ ਗਿਆਨੁ ॥

ਦੁਖ ਭੰਜਨੁ ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ਜੀ, ਦੁਖ ਭੰਜਨੁ ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ॥

ਜਿਤੁ ਘਟਿ ਵਸੈ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮੁ, ਸੋਈ ਸੁਹਾਵਾ ਥਾਉ ॥

ਜਮ ਕੰਕਰੁ ਨੇੜਿ ਨ ਆਵਈ, ਰਸਨਾ ਹਰਿ ਗੁਣ ਗਾਉ ॥

ਦੁਖ ਭੰਜਨੁ ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ਜੀ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

ਸੇਵਾ ਸੁਰਤਿ ਨ ਜਾਣੀਆ, ਨਾ ਜਾਪੈ ਆਰਾਧਿ ॥

ਓਟ ਤੇਰੀ ਜਗਜੀਵਨਾ, ਮੇਰੇ ਠਾਕੁਰ ਅਗਮ ਅਗਾਧਿ ॥

ਦੁਖ ਭੰਜਨੁ ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ਜੀ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

ਭਏ ਕ੍ਰਿਪਾਲ ਗੁਸਾਈਆ, ਨਠੇ ਸੋਗ ਸੰਤਾਪ ॥

ਤਤੀ ਵਾਉ ਨ ਲਗਈ, ਸਤਿਗੁਰਿ ਰਖੇ ਆਪਿ ॥

ਦੁਖ ਭੰਜਨੁ ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ਜੀ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

ਗੁਰੁ ਨਾਰਾਇਣੁ ਦਯੁ ਗੁਰੁ, ਗੁਰੁ ਸਚਾ ਸਿਰਜਣਹਾਰੁ ॥

ਗੁਰਿ ਤੁਠੈ ਸਭ ਕਿਛੁ ਪਾਇਆ, ਜਨ ਨਾਨਕ ਸਦ ਬਲਿਹਾਰ ॥

ਦੁਖ ਭੰਜਨੁ ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ਜੀ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

ਅਪਲੋਡਰ- ਅਨਿਲ ਰਾਮੂਰਤੀ ਭੋਪਾਲ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।