घर में पधारो माँ संतोषी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

घर में पधारो माँ संतोषी मेरे घर में पधारो,

चरणधर जाओ माँ संतोषी मेरी घर में पधारो,

घर सिंगाशन धुप सजे है,

नारियल रखा दीप भी जले है

भवना में आओ माँ संतोषी मेरे घर में पधारो,

घर में पधारो माँ संतोषी मेरे घर में पधारो

भोग चना गुड श्रधा के अर्पित,

मीठे व्यंजन तुझे सम्पर्पित,

किरपा कर जाओ माँ संतोषी, मेरे घर में पधारो,

घर में पधारो माँ संतोषी मेरे घर में पधारो

सोता गणेश की मित्रु मियाँ,

पुभ्क्तो की ईशा मियां विनती सुन लो माँ संतोषी मेरे घर में पधारो,

घर में पधारो माँ संतोषी मेरे घर में पधारो

चरनो मे तेरे शीश झुकाऊ अपना जीवन धन्ये बनाऊ,

भ्ग्ये जगा दो माँ संतोषी मेरे घर में पधारो,

घर में पधारो माँ संतोषी मेरे घर में पधारो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।