जन्म उत्सव् हम आप का आज मनायेगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जन्म उत्सव् हम आप का आज मनायेगे,

झूमे गे नाचे गे और खुशियाँ मनायेगे,

कन्हियाँ हैप्पी बर्थडे,

चन्दन की चोंकी पर कान्हा तुम्हे बिठाये गे,

गंगा के पावन जल से इशनान कराये गे,

भावो की बदली से कान्हा तुम्हे रिजायेगे,

नजर लगी का काला टिका लगायेगे,

जन्म उत्सव् हम आप का आज मनायेगे,

झूमे गे नाचे गे और खुशियाँ मनायेगे,

कन्हियाँ हैप्पी बर्थडे,

आंदन को नन्द भियो जय हो नन्द लाल की,

जय हो नन्द लाल की जय यशोदा लाल की,

आंदन को नन्द भियो जय हो नन्द लाल की,

कोती भ्र्मंद के पतिपति लाल की,

आंदन को नन्द भियो जय हो नन्द लाल की,

गौए चरण आई जय हो पशुपाल की,

पुनन के चाँद जैसी शोभा है आप की,

आंदन को नन्द भियो जय हो नन्द लाल की,

यशोदा के लाल भयो जय हो नन्द के लाल की,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।