ओ श्याम प्यारे तुम्हे ही सुमिरो दिन रेन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ श्याम प्यारे तुम्हे ही सुमिरो दिन रेन

दर्श बिन मन होता बेचैन की भर भर आते दो नैन,

ओ श्याम प्यारे तुम्हे ही सुमिरो दिन रेन

ये नैना प्यासे जन्म जन्म से कब होंगे दर्शन प्यारे,

प्रेम के सागर हो मेरे ठाकुर प्रेम जरा छलका रे,

रूप दिखा दो मेरे श्याम तुम बिन कौन रखेगा ध्यान,

तेरी रहे तके ये नैयन,

ओ श्याम प्यारे तुम्हे ही सुमिरो दिन रेन

हम है तुम्हारे तुम हो हमारे मात पिता तुम मेरे,

दूर करो न बाबा आकर जीवन के मेरे अँधेरे,

विनती सुनलो दीना नाथ आकर थामो हाथ मेरा,

कोटि कोटि तुम्हे ये नमन,

ओ श्याम प्यारे तुम्हे ही सुमिरो दिन रेन

निष्ठुर बनो न मेरे कान्हा किरपा जरा बरसादो,

बेटी समज के बबिता को अपनी सर पे हाथ फिरा दो,

चरणों में तेरे संसार देदे सेवा का अधिकार आज खाली न लौटे गे हम,

ओ श्याम प्यारे तुम्हे ही सुमिरो दिन रेन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।