मुझे न भूलो तुम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इतना तो बतादो आज क्या दिल में छुपे है राज मुझे न भूलो तुम,

तुम्हे दिल से दू आवाज प्रभु आज बचालो लाज,मुझे न भूलो तुम

इस जग में भी हरदम,

मुझ को तो दिए है गम,

रहती है अखियां नम निकले न आहे कम,

ो यार मेरे दिलदार अब कैसे करू इकरार,

मुझे न भूलो तुम

दिल आह भरे हर पल तू आज नहीं तो कल,

बस प्यार जता हर पल बन जा फिर यारा गल,

फिर जाओ कही प्रदेश न छोड़ू मैं तेरा देश,

मुझे न भूलो तुम

न चले मुझे यु पता खुद की तो श्याम खता,

जो भी है साफ़ बता न रह के दिर सत्ता,

जालान जो खेल खेले दो दिल का है मेल,

मुझे न भूलो तुम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।