केवल दादी है मंडल में ये हम सब की है भूल

पारंपरिक
महादेव भजन रानी सती दादी भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

केवल दादी है मंडल में ये हम सब की है भूल,

तन धन नारायण का संगम है ये तिरसुल,

जरा याद करो वो पल,

जब दादी सती हुई,

तन धन के चलते ही सो भाग्य गति हुई,

बनी अमर सुहागन माँ देवन बरसाए फूल,

केवल दादी है मंडल में ये हम सब की है भूल,

माँ के संग तन बन की जैकार लगा लेना,

चुनड़ी संग तन धन की पहनावरी ले जाना,

जरा ध्यान से गौर करो ये बाते नहीं फजूल,

केवल दादी है मंडल में ये हम सब की है भूल,

शिव शक्ति जैसे ही तन धन और नरायणी,

दोनों की शक्ति को पहचान ले ओ प्राणी,

कैसे श्याम लगा लेना दादी चरणों की धूल,

केवल दादी है मंडल में ये हम सब की है भूल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।