कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा,कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा ,

जपते ही मिटे मन की तृष्णा,

कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा,कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा ,

रंगले राधे श्याम के रंग में बचा है जीवन जितना,

किसे पता सांसो का खजाना बाकी बचा है कितना,

कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा,कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा ,

नाम राधे कृष्णा का पावन पावन चन्दन जितना,

ये चंदन अपने माथे पे प्रेम से निष् दिन घिसना,

राधे कृष्णा राधे कृष्णा..

ठगनी है ये माया माये के हाथो न विकणा,

मंत्र ये मन की दीवारों पे शाम सवेरे लिखना,

कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा,कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।