आई खुशिओं भरी यह रात आज जगराता है

कुमार विशु
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आज जगराता है मैया का, आज जगराता है

आई खुशिओं भरी यह रात, आज जगराता है

मेरे बस में नहीं जज़्बात, आज जगराता है

आज जगराता है, आज जगराता है

मन में दीवानगी उमंग है तरंग है,

रोम रोम भीगा मेरा ऐसा चढ़ा रंग है

जैसे रंगो की हुई हो बरसात,

आज जगराता है...

भवन प्यारा माँ का घर में सजाएंगे

श्रद्धा से ज्योति माँ की घर में जलाएंगे

मैया आएगी करेगी करामात,

आज जगराता है...

आसान पे बिठा के माँ के चरण पखारेंगे

भोग लगा के माँ की आरती उतारेंगे

फिर मन की करेंगे माँ से बात

आज जगराता है...

खुश हो के मैया फिर ममता लुटायेगी

होएगी दयाल हमे सीने से लगाएगी

मैया बांटेगी सुखो की खैरात

आज जगराता है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।