झूमो नाचो गाओ जन्म दिन कृष्ण कन्हियाँ का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोरे गोरे दाऊ जी के छोटे भाइयाँ का,

झूमो नाचो गाओ जन्म दिन कृष्ण कन्हियाँ का,

रास रचाइयाँ गाये चरियाँ नाग नथियाँ का,

झूमो नाचो गाओ जन्म दिन कृष्ण कन्हियाँ का,

बंधन मुकत हुई मियां और खुले जेल के ताले,

भजे रात के १२ देखो सो गए सब रखवाले,

ऐसा जनम हुआ है १६ काल्हियाँ का,

झूमो नाचो गाओ जन्म दिन कृष्ण कन्हियाँ का,

ले वासुदेव चले गोकुल को यमुना जल भर आयो,

चरण चुम के यमुना जी ने मार्ग फिर दिखलायो,

बादो अस्टमी काली रात अवतार ले मैया का,

झूमो नाचो गाओ जन्म दिन कृष्ण कन्हियाँ का,

नन्द यशोदा के आंगन में अद्भुत ख़ुशी है छाई,

जय जय कृष्ण कन्हियाँ लाल की देवे सभी वधाई,

ब्रिज मंगल में खेले लाल कृष्ण कन्हियाँ का,

झूमो नाचो गाओ जन्म दिन कृष्ण कन्हियाँ का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।