माँ बाप सब तीर्थ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ बाप के चरणों में , बसे तीर्थ सारे है

वो सब कुछ पा जाते , जो इनके प्यारे है

चमड़ी उतार अपनी चाहे जूती बनवाये

इनके एहसानो का , बदला न चुका पाये

बहुतो ने सेवा कर , निज जन्म सुधारे है

वो सब कुछ पा जाते , जो इनके प्यारे है

कष्टों को सह कर भी , ये बालक को पाले

खुद भूखे रहकर भी , उसके मुख डाले

राते काली कर के , बालक को दुलारे है

वो सब कुछ पा जाते , जो इनके प्यारे है

माँ बाप की कृपा से , ये मनुष्य जन्म मिला

इनकी गोदी में ही , जीवन का फूल खिला

दुख सह कर बालक की , तकदीर सवारे है

वो सब कुछ पा जाते , जो इनके प्यारे है

भूलन त्यागी कहता , कोई इन्हें सताओ ना

कर्मो से तुम अपने , दिल इनका दुखाओ ना

ये ईश्वर से बड़के , कहते गुणी सारे है

वो सब कुछ पा जाते , जो इनके प्यारे है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।