जीहदे कॉल बेहन तो जग डर दा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जीहदे कॉल बेहन तो जग डर दा ओहदे घर विच रोनका तू लावे,

जह्नु औरत भी न कोई आखे माँ उस नु कहावे,

जीहदे कॉल बेहन तो जग डर दा

बोली विच जो इशनान करे,

सिर ऊंचा कर दुनिया ते फिरे,

ओह्दी जिंदगी माने खुशिया नु,

बैठे उस बुट्टे दी छावे,

जीहदे कॉल बेहन तो जग डर दा

बे आसे आस ओ ले जंडे जिद्दी झोली विच फल पे जांदे,

भवे पतझड़ छाई हॉवे खिड़ पेंदे फूल जे तू चावे ,

जीहदे कॉल बेहन तो जग डर दा

सिद्ध जोगियां दा सर मान है बावा लाल तनु वरदान है एह,

या रब या तू ही कर सकदा अनहोनी होनी हो जावे,

जीहदे कॉल बेहन तो जग डर दा

बोली दा पानी अमृत है इस दे विच तेरी रेहमत है,

सुख देव बरस ती है सबते तू देर लगाइ न नाले,

जीहदे कॉल बेहन तो जग डर दा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।