मुझे ऐसी लगन तू लगा दे मैं तेरे बिना पल ना रहु

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मुझे ऐसी लगन तू लगा दे मैं तेरे बिना पल ना रहु

मैं तेरे बिना पल ना रहु मैं तेरे बिना पल ना रहु

दिल मैं प्यार वाला दीप जगा दे मैं तेरे बिना पल ना रहु

दिल करता है दिल में बसा लू तुम्हे

अपनी आखो में मैया छुपालु तुम्हे

मेरे मन का अंधेरा मिटा दे मैं तेरे बिना पल ना रहु

जैसे जल बिना मछली पल ना जिये

ऐसे तड़पुं में घडी घडी तेरे लिए

मजा प्रेम वाला ऐसा चखा दे मैं तेरे बिना पल ना रहु

तेरे चरणों की धूल में मिल जाऊ

अब आशा यही है कही दूर ना जाऊ

ऐसे भक्ति का रंग चढ़ा दे मैं तेरे बिना पल ना रहु

तूने अपना बनाया मैने कुछ ना कहा

लाके दर पे बिठाया मैने कुछ ना कहा

अब ऐसी जलक दिखला दे मैं तेरे बिना पल ना रहु

पोस्टिंग बय : रविन बंसल (जय माता दी)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।