तेरे प्रेम का मुझपे हुआ ये असर है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे प्रेम का मुझपे हुआ ये असर है

जिधर देखता हूँ तू आता नज़र है

मुझे सांवरे तू जबसे मिला है

जीवन का हर पल चमन सा खिला हिअ

तेरी रहमतों का हुआ सिलसिला है

अब तो कोई भी शिकवा ना गिला है

मेरे हर कदम पे तो तेरी नज़र है

हुआ मैं दीवाना तेरी आशिकी में

अंधेरो में हु या रहूं रौशनी में

है खुशियों का मौसम तेरी बंदगी में

है दिलकश नज़रें मेरी ज़िन्दगी में

हँसते हुए ही मेरी होती बसर है

हुआ बावरा मन इतना तू प्यारा

के दिल मेरा फिसला तुझे जब निहारा

तेरा ही भरोसा तेरा ही सहारा

चोखानी छोड़े न अब तेरा एड द्वारा

मेरा तो ठिकाना बाबा एक तेरा दर है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।