गोपाला गोपला तू गुरु मेरा मैं चेला रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोपाला गोपला तू गुरु मेरा मैं चेला रे,

आस की तुझसे हो गी मेरी दो दिल का अलबेला रे

गोपाला गोपला तू गुरु मेरा मैं चेला रे,

समय का सरोवर तू हर दर्द की दवा है,

तू ही धुप ठंडी छाव शीतल हवा है,

हर सुख का दुःख का करता तू ही तो खेला रे,

आस की तुझसे हो गई मेरी दो दिल ला अलबेला रे

गोपाला गोपला तू गुरु मेरा मैं चेला रे,

तुही कोरे कागज़ कलम सिलाई

तू ही लिखता वाह वाह त्भाई,

ना समज में आवे को तेरा तेला बेला रे,

आस की तुझसे हो गई मेरी दो दिल ला अलबेला रे

गोपाला गोपला तू गुरु मेरा मैं चेला रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।