बनकर अगर सुदामा तू श्याम दर पे आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बनकर अगर सुदामा तू श्याम दर पे आये

तुझको उठा ज़मीं से कान्हा पालक बिठाये

कहीं ये गुरूर तेरा तुझे ख़ाक ना बना दे

दो आंसू गर बहा दे तुझे सांवरा हंसाये

ऐ उड़ते हुए परिंदे पंखो का क्या भरोसा

इसकी रज़ा है जब तक तब तक ये फड़फड़ाये

आज़माया इश्क़ जिसने को श्याम पर फ़िदा है

बिट्टू मेहर को श्याम की क्यों ना तू आज़माये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।